ना कभी कोई मुझे वो मिला, जो मेरे जिगर में उतर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, जो मेरे जिगर में उतर गया, ना कभी कोई मुझे चाहता, ना कभी कोई मुझे चाहता, मैं तो अपने ख़ूँ से निखर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, जो वफ़ा न कर सका मैं वो शख़्स हूँ, जो वफ़ा न कर सका मैं वो शख़्स हूँ, पल हूँ मैं जो गुज़र गया, जो नज़र से गिर गया मैं वो अश्क़ हूँ, जो नज़र से गिर गया मैं वो अश्क़ हूँ, हूँ चमन जो बिखर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, मैं ये दर्द ले के चला गया, मैं ये गर्द में जा के मिल गया, मैं ये दर्द ले के चला गया, मैं ये गर्द में जा के मिल गया, मैं तो था वो ताइरक-ए-बहार, मैं तो था वो ताइरक-ए-बहार, वो रोए क्यूँ, रोए क्यूँ, वो रोए क्यूँ मैं अगर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, मिला, मिला, ना कभी, ना कभी मिला, मिला,
ख़ूँ - blood
निखर गया - became clean and pure
गर्द - dust
ताइरक-ए-बहार - a bird which chirps and brings good news of spring, then disappears
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