उन के दिल के हम ज़रा सा पास होते, उन के दिल के हम ज़रा सा पास होते, ग़म में भी तो ख़ुशियोँ के एहसास होते, उन के दिल के हम ज़रा सा पास होते, प्यार उन को गर ज़रा सा हम से होता, प्यार उन को गर ज़रा सा हम से होता, दूर दुनिया से, ख़ुशी के पास होते, दूर दुनिया से, ख़ुशी के पास होते, ग़म में भी तो ख़ुशियोँ के एहसास होते, बे-तसव्वुर से वो कोई ख़्वाब होते, बे-तसव्वुर से वो कोई ख़्वाब होते, आईनों को फिर तो ये आभास होते, आईनों को फिर तो ये आभास होते, ग़म में भी तो ख़ुशियोँ के एहसास होते, उन के दिल के, हम मोहब्बत से ना यूँ बेज़ार होते, हम मोहब्बत से ना यूँ बेज़ार होते, बे-तकल्लुफ़ से कोई इख़्लास होते, बे-तकल्लुफ़ से कोई इख़्लास होते, ग़म में भी तो ख़ुशियोँ के एहसास होते, उन के दिल के हम ज़रा सा पास होते,
बे-तसव्वुर - without imagination
आभास - feeling of emergence
बेज़ार - displeased
बे-तकल्लुफ़ - formalityless, informal
इख़्लास - relation of friendship and love
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